नई दिल्ली। यमुना नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर दिल्ली सरकार ने रविवार को राजधानी में बड़े स्तर पर ‘यमुना तट स्वच्छता अभियान’ चलाया। इस विशेष अभियान के तहत दिल्ली के 28 प्रमुख यमुना घाटों पर एक साथ सफाई अभियान आयोजित किया गया, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अभियान का नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। मुख्यमंत्री स्वयं गीता कॉलोनी स्थित यमुना तट पर पहुंचीं और सफाई कार्य में हिस्सा लेकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यमुना को फिर से स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री के साथ सरकार के मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी विभिन्न घाटों पर श्रमदान करते नजर आए। पूरे अभियान के दौरान नदी तटों से कचरा हटाने के साथ-साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
इस महाअभियान में 500 से अधिक सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों ने सक्रिय सहयोग दिया। इन संस्थाओं के हजारों स्वयंसेवकों ने सफाई कार्य में भाग लेकर यमुना संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार यमुना की सफाई के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि प्लास्टिक और अन्य कचरे को नदी में न फेंकें तथा जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
दिल्ली सरकार का मानना है कि जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाकर उसकी प्राकृतिक पहचान वापस दिलाई जा सकती है।
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